Diwali

दीपावली पर निबंध – Deepawali Essay in Hindi For School Student

दीपावली पर निबंध हिंदी में
Written by Hindi FAQ Team
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आज हम बच्चों और बड़ो के लिए दीपावली पर निबंध लेकर आये है जिसको आप कॉपी करके अपने विद्यालय में दिखा सकते हो.

आज हम आपके लिए 3 निबंध लेकर आये है जिसको आप अपने हिसाब से इस्तेमाल कर सकते हो.

तो चलिए दिवाली पर निबंध के इस लेख को पढना शुरू करते है| उम्मीद करता हूँ की दीपावली पर निबंध आपको पसंद आयेगा.

दीपावली पर निबंध हिंदी में

दीपावली पर निबंध हिंदी में

दीपावली दीपो का त्योहार है, प्रकाश का त्योहार है| यह सुख समृधि का त्योहार है, प्यार और उल्लास का त्योहार है.

मनुष्य ने ईश्वर से सदेव यह प्रार्थना की है => “तमसो माँ ज्योति विग्रह” हे प्रभु! हमें अंधकार से प्रकाश की और ले चलो|”

यह अंधकार अज्ञान का है अभाव का है, गरीबी का है, आपसी बेर-भाव का है|

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दीपावली के दिन दीप जलाकर हम संपूर्ण मानव जाती को दुखों से मुक्त करने की कामना करते है, ज्ञान का प्रकाश फेलाने का संकल्प लेते है|

जगमग जगमग दीप जल उठे,
चमक उठी है रजनी काली||

सारे भारत मे शरदऋतु के प्रारुंभ मे दीपावली का त्योहार किसी न किसी रूप मे बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है.

कई दिन पहले से इस त्योहार की तैयारी आरंभ हो जाती है| सभी लोग अपने अपने घरो की सफाई करते है, रंगाई पुताई करते है| दीपावली को हम स्वच्छता का त्योहार भी कह सकते है.

दीपावली हमारे देश का अत्यंत प्राचीन त्योहार है| कहा जाता है की दीपावली के दिन श्री राम जी 14 साल का वनवास काटकर अयोध्या लोटे थे|

विजयी राम जी के स्वागत मे आयोध्य वासियो ने नगर को दीप से सजाया था| तभी से दीपावली का त्योहार प्रतिवर्ष मनाया जाता है.

दीपावली की रात्री को लोग धन की देवी माँ लक्ष्मी का पूजन करते है| यह त्योहार वास्तव मे प्रकाश और आनंद का पर्व है| इस अवसर पर घर मे तरह-तरह की मिठाइया और पकवान बनते है| खील, ब्ताशे, खिलौने और पटाखो की भी काफी बिक्री होती है.

यद्यपि अब पटाखो के प्रयोग को नियंत्रित किया जा रहा है पर फिर भी बच्चे इन्हे चलाते अवश्य है|

दिपावली का पर्व धनतेरस से लेकर भाई दूज पाच दिनों तक मनाया जाता है| ये त्योहार भी दीपावली के अंग है.

दीपावली के अवसर पर लक्ष्मी-गणेश जी की पूजा की जाती है तथा घरो पर प्रकाश किया जाता है| बिजली के बल्बो और मोमबतियो से सारा वातावरण जगमग हो उठता है| दीपावली के दूसरे दिन गोवर्धन पुजा होती है.

इस त्यौहार के साथ कुछ बुराईया भी जुड़ गई है| आतिशबाजी के प्रचलन से रोशन होगा| कुछ लोग दीपावली के दिन जुआ भी खेलते है| यह भी एक कुरीति है| इस कुरीति को समाप्त करने का संकल्प कर्ण होगा| हुमे तो यह ध्यान रखना है.

जलाओ दिये पर रहे ध्यान इतना,
अंधेरे धरा पर काही आरएच न पाए||

दीपावली पर निबंध – Diwali Essay in Hindi For Child

Diwali Essay in Hindi For Child

दीपावली हिन्दुओं के प्रमुख त्योहारो मे से एक है ‘दीपावली’ अर्थात दीपो का पर्व जिसे दिवाली, प्रकाश पर्व आदि के नाम से भी जाना जाता है.

इस त्योहार मे घर की साफ – सफाई करके घर को विभिन्न रंग के प्रकाश से सजाया जाता है और पटाके फोड़कर खुशिया मनाई जाती है और साथ मे सभी अमंगलो का नाश करने वाले भगवान गणेश और लक्ष्मी माता की भी पुजा की जाती है.

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यह त्यौहार बहुत ही लोकप्रिय है तथा यह एक ऐसा त्योहार है जिसे हमारे देश के अलावा अन्य देश जैसे अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, नेपाल, रूस आदि भी मनाते है और साथ ही हिन्दुओ के अलावा अन्य धर्मो के लोग भी इस पर्व मे सम्मिलित होकर खुशिया मनाते है और अपने घरो को सजाते है.

दीपावली का त्यौहार कार्तिक मास की अमावस्या को मनाया जाता है| दीपावली का पर्व असत्य पर सत्य की जीत का प्रतीक माना जाता है, क्योकि इसी दिन भगवान श्री राम जी ने दुष्ट रावण जो असत्य के मार्ग पर चल रहा था का स्ंघार करके अपने घर अयोध्या वापस आए थे.

भगवान राम के 14 वर्ष के उपरांत घर आने की खुशी मे अयोध्या के लोगो ने अपने घरो को विभिन्न प्रकार के दीपक और प्रकाश से सजाकर और पटाके फोड़कर खुशिया मनाया था, इसीलिए आज लोग इस दिन अपने घरो को विभिन्न प्रकार के प्रकाश से सजाकर और पटाके फोड़कर भगवान श्री राम को याद करते है और उनके इस संदेश की असत्य पर सदेव सत्य की जीत होती है का प्रचार करते है.

Essay on Diwali in Hindi Language – दीपावली पर निबंध

Essay on Diwali in Hindi Language

भारत त्योहार की भूमि के रूप मे जाने वाला महान देश है| यह प्रसिद्ध और सबसे ज्यादा मनाया जाने वाला त्योहारो मे से एक दीपावली है.

दिवाली हिन्दुओं का एक महत्वपूर्ण त्यौहार है| यह रोशनी का त्योहार है, जो की माँ लक्ष्मी के घर आने और बुराई पर सच्चाई की जीत का प्रतीक है.

यह तब मनाया जाता है, जब 14 वर्ष के वनवास के बाद भगवान राम माँ सीता और भाई लक्ष्मण जी के साथ अयोध्या लोटे थे और अयोध्या के लोगो ने उनका तेल का दीपक जलाकर स्वागत किया था| यही कारण है की इसे ‘प्रकाश का महोत्सव’ कहा जाता है.

इस दिन भगवान राम ने लंका के राक्षश राजा रावण को मार डाला ताकि पृथ्वी को बुरी गतिविधियो से बचाया जा सके|

यह हिन्दी केलेंडर द्वारा एचआर साल कार्तिक के महीने की अमावस्या पर मनाया जाता है| दिवाली के दिन हर कोई खुश होता है और एक-दूसरे को बधाई देता है.

लक्ष्मी का स्वागत करने के लिए लोग अपने घरो, कार्यालयो ओर दुकानों को साफ करते है और सफेदी भी करवाते है, वे अपने घरो को सजाते है, और दीपक जलाकर माता लक्ष्मी का स्वागत करते है.

दीपावली के त्यौहार मे पाच दिन का जशन है जिसे आनंद और प्रसंता के साथ मनाया जाता है| दिवाली के 2 दिन पहले धनतेरस मनाया जाता है, दूसरा दिन छोटी दीपावली है, तीसरे दिन मुख्य दिवाली या लक्ष्मी पुजा है, चोथा दिन गोवर्धन पुजा है और पाचवे दिन भेया दौज है.

दिवाली समारोह के पाच दिनो मे से प्रत्येक का अपना धार्मिक और सांस्कृतिक विशवास है|

दिवाली त्योहार पूरे देश का त्योहार है| यह हमारे देश के प्रत्येक कोने मे मनाया जाता है| इस प्रकार यह त्योहार भी लोगो के बीच एकता की भावना पैदा करता है.

दिवाली एकता का प्रतीक है| भारत इस त्यौहार को हजारो सालो से मना रहा है और आज भी इसे जश्न और उल्लास के साथ मनाया जाता है, जो एतिहासिक और धार्मिक दोनों है.

प्रिय छात्रों और मेरे प्यारे भाई बहन| दीपावली पर निबंध का यह लेख यही पर समाप्त हो रहा है| उम्मीद करता हूँ की आपको लेख पसंद आया होगा.

आपको लेख कैसा लगा हमको कमेंट करके जरुर बताये और इस लेख को जितना हो सकते उतना सोशल मीडिया पर शेयर करें|

आपको HindiFAQ.com की और से दीवापली की हार्दिक शुभकामनाएँ|

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