म्यूच्यूअल फण्ड

म्यूच्यूअल फण्ड क्या है ? म्यूच्यूअल फण्ड के फायदे और कैसे करें इसमें निवेश – पूरी जानकारी (हिंदी में)

म्यूच्यूअल फण्ड क्या है ? कैसे करें निवेश – पूरी जानकारी हिंदी में
Written by Hindi FAQ Team
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नमस्कार मेरे प्यारे दोस्तों, आज में आप सभी के साथ एक चर्चित टॉपिक जो आज के समय में जिसका नाम हर किसी की जुबान पर है| म्यूच्यूअल फण्ड क्या है इस विषय में पूरी जानकारी बताने वाला हूँ.

लेकिन हममे से कुछ व्यक्ति ऐसे भी है जो म्यूच्यूअल का नाम सुनकर ही सोच में पड़ जाते है की Mutual Fund Kya Hai ? तो आज हम इसी टॉपिक के बारे में बात करेंगे.

तो आईये सबसे पहले हम जानते है की आखिर ये म्यूच्यूअल फण्ड क्या है और ये भारत में कब आया?

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म्यूच्यूअल फण्ड क्या है और यह भारत में कब आया ?

म्यूच्यूअल फण्ड क्या है और यह भारत में कब आया ?

म्यूच्यूअल फण्ड भारत में पहली बार 1963 में यूनिट ट्रस्ट ऑफ इंडिया के रूप में आया था और 1992 में सवी ने एक विधायक पास किया जिसके तहत बाजार में इन्वेस्टर के पैसे को सुरक्षा और सिक्योरिटी दी जा सके.

दूसरा स्वी 1993 में म्यूच्यूअल फण्ड को लेकर नियम अधिसुषित किया और उसके बाद से ही निजी छेत्रो की कंपनियों को म्यूच्यूअल फण्ड में निवेश करने की भी इजाजत दे दि गयी थी.

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म्यूच्यूअल फण्ड क्या है? – History of Mutual Fund in Hindi

History of Mutual Fund in Hindi

तो आज के समय में हर कोई चाहता है की उसकी एक्स्ट्रा आमदनी हो और उसकी जो सेविंग है| जो उसने सेव कर के रखी हुई है उस सेविंग को वो अच्छी जगह इन्वेस्ट करके अच्छे रिटर्न्स पा सके.

तो इसी लिए कुछ लोग अपने पैसे को बैंक में रखते है| जिसके कारण उनको वहां से इंटरेस्ट आता है और कुछ लोग अपने पैसे की फिक्स्ड डिपाजिट (FD) करवा देते है या फिर कुछ लोग गोल्ड में इन्वेस्ट करते है या शेयर मार्किट में!

मगर कुछ लोग ऐसे होते है जो कंफ्यूज रहते है की वो अपने पैसे को कहा इन्वेस्ट करे?

तो म्यूच्यूअल फण्ड उन लोगो के लिए ये काफी अच्छा आप्शन है.

क्योकि आपको म्यूच्यूअल फण्ड में इन्वेस्ट करने के लिए आपको कोई डीमैट अकाउंट की आवश्यकता नही पडती है.

म्यूच्यूअल फण्ड में थोडा बहुत रिस्क तो रहता है लेकिन आप म्यूच्यूअल फंड्स में SIP (Systematic Investment Plan) के जरिये आप 500 रुपया महिना भी इन्वेस्ट कर सकते है और इसमें आपको ज्यादा रिस्क भी नही होता है.

आप समझदारी से इन्वेस्टमेंट को आगे ले जा सकते है और आपको म्यूच्यूअल फंड्स में सालाना 12 से 20% तक को ग्रोथ देखने को मिल सकता है.

म्यूच्यूअल फंड्स क्या है यह कैसे काम करते है ?

म्यूच्यूअल फंड्स क्या है यह कैसे काम करते है ?

म्यूच्यूअल फण्ड में इन्वेस्टमेंट के लिए सिर्फ आपको किसी बैंक या फिर किसी एसेट मैनेजमेंट कंपनी की वेबसाइट पर KYC Form को पूरा करना होता है| आप KYC पूरा करने के बाद ही म्यूच्यूअल फण्ड में इन्वेस्ट कर सकते है.

मगर जिसको शेयर मार्किट की नॉलेज नही है| उन लोगो के लिए मुश्किल होता है की वो शेयर मार्किट में इन्वेस्ट करे और अच्छे रिटर्न्स पाए.

तो इसी लिए म्यूच्यूअल फंड्स में इन्वेस्ट करके आप शेयर मार्किट में अपना पैसा इन्वेस्ट कर सकते हो.

क्योकि आपका जो पैसा है वो हाइली क्वालिफाइड प्रोफाइल फण्ड मेनेजर शेयर मार्किट में इन्वेस्ट करते है| उसके लिए आपको बस अच्छे म्यूच्यूअल फण्ड में इन्वेस्टमेंट करना होता है.

अच्छे म्यूच्यूअल कोन से है यह आपको कुछ ट्रैक करना होगा| सभी म्यूच्यूअल फण्ड की परफॉरमेंस देखने के लिए आप moneycontrol वेबसाइट की सहायता ले सकते हो.

तो सबसे पहले में आपको बता दूँ की म्यूच्यूअल काम कैसे करता है?

म्यूच्यूअल फंड्स का मतलब है की कुछ लोग मिलके फण्ड हाउस में पैसा दे देते है वे अपने पैसे को धकेल देते है फण्ड हाउस में क्योकि फण्ड हाउस एक हाइली क्वालिफाइड मेनेजर को अपोइन्ट करता है.

आप लोगो के फण्ड को मैनेज करने के लिए यानिकी उस फण्ड को मार्किट में इन्वेस्ट करने के लिए और जब वो फण्ड मेनेजर मार्किट में आपके पैसे को इन्वेस्ट कर देते है तो टाइम के साथ साथ रिटर्न्स आते है मतलब की प्रॉफिट होता है.

तो उसमे से अपनी फीस दो या ढाई पर्सेन्ट फण्ड मेनेजर रख लेता है और आपके पास पूरा का पूरा प्रॉफिट ट्रान्सफर कर दिया जाता है और तब उस प्रॉफिट को सभी इन्वेस्टर्स में बराबर बाट दिया जाता है.

अपने अपने इन्वेस्टमेंट के हिसाब से तो आप समझ गये होंगे की इस तरह से म्यूच्यूअल फंड्स काम करते है.

तो अब हम आपको इसमें बतायेगे की म्यूच्यूअल फंड्स तीन तरीके के होते है| जैसे:-

  1. इक्विटी फंड
  2. डेब्ट फण्ड
  3. बैलेंस फण्ड.

1. इक्विटी म्यूचुअल फंड क्या है ?

इक्विटी फंड जो होते है वो इक्विटी शेयर्स में इन्वेस्ट किये जाते है और वो हाइली रिस्क वाले होते है| मतलब की इसमें जोखिम ज्यादा होता है| लेकिन मै आपको बतादू की जिसमे रिस्क ज्यादा होता है उसमे प्रॉफिट भी ज्यादा होता है.

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तो बिना रिस्क लिए तो कुछ भी नही मिलता है| आप सब जानते ही है| की कुछ पाने के लिए कुछ खोना पडता है तो इक्विटी फंड्स में आपको रिस्क तो ज्यादा होता है.

तो आप एक बार देख ले की आपको थोडा बहुत रिस्क चाहिए या नही| अगर आप थोडा बहुत रिस्क ले सकते है तो इक्विटी फंड में जाये अन्यथा आप नीचे दिए गये बाकि फण्ड पर भी इन्वेस्ट कर सकते है.

2. डेब्ट फंड्स क्या है?

इक्विटी फंड को त्यागकर आप Debt Funds में इन्वेस्ट करते हो तो  डेब्ट फंड्स में रिस्क फेक्टर कम होता है. तो वह पर जो है आपको प्रॉफिट भी उसी हिसाब से कम मिलता है.

3. बैलेंस फण्ड क्या है ?

बैलेंस फण्ड इनमे क्या होता है की आपका जो पैसा होता है तो उसमे से कुछ हिस्सा इक्विटी फंड्स में लगाया जाता है और कुछ हिस्सा डेब्ट फण्ड में लगाया जाता है| जिससे की रिस्क और प्रॉफिट दोनों को बैलेंस कर दिया जाता है| ताकि रिस्क भी कम रहे और आपको  ठीक ठाक पैसे मिल जाए.

बैलेंस फण्ड में भी दो प्रकार के म्यूच्यूअल फण्ड होते है.

  1. ओपन एंड फंड्स = ओपन एंड फंड्स का फायदा यह है की आप इस फण्ड को किसी भी समय खरीद या बेच सकते है.
  2. क्लोज एंड फंड्स

तो ओपन एंड फंड्स में इन्वेस्ट करने का फायदा अपना ही है की आपको बीच में कभी भी पैसों की जरूरत है तो आप अपने फंड्स को बेच सकते है और अगर आपको लग रहा है की मुझे इस फण्ड से किसी भी प्रकार से प्रॉफिट नि हो रहा है तो आप वहां से अपने पैसे को वापस ले सकते है.

ओपन एंड फंड्स में फ्लेक्सिबिटी मिल जाती है हमको और हम इकठा lump sum amount को इन्वेस्ट कर सकते है.

यानिकी आपके पास यदि दो लाख रूपया या चार लाख रूपये है तो आप म्यूच्यूअल फंड्स खरीद सकते है और यहाँ पर आप काफी टाइम के लिए भी इन्वेस्टमेंट कर सकते है.

5 साल, 10 साल या फिर 30 साल! लेकिन अगर आप नये है तो स्टार्ट कहा से किया जाए ?

आप शुरुआत SIP से कर सकते है| यानिकी सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान जिसका आप चयन कर सकते है.

म्यूच्यूअल फण्ड में निवेश कैसे करें ?

आप 500 या 1 हजार रुपया महीने से आप शुरुआत कर सकते है और जिनको ज्यादा नॉलेज नही है वह कंपनी का प्रोस्पेक्टस को अच्छे से पढ़ ले ध्यान पूर्वक.

आप अपनी कंपनी से पुच सकते है की जिस भी फण्ड में आप इन्वेस्टमेंट कर रहे है. उस फण्ड का गोआल क्या है. यानि की उस फण्ड में लॉन्ग तुरम इन्वेस्टमेंट करना अच्छा रहेगा या फिर वो फण्ड शोर्ट टर्म इन्वेस्टमेंट के लिए बना है.

तो आप ये सब जानकारी अपनी कंपनी से इन्वेस्टमेंट करने से पहले ले सकते है और जो जानकारी आपको लेनी है वो ले लीजिये|

जैसे की आपको पता करना है की इस फण्ड में जिसमे आप इन्वेस्ट करने वाले है| उसमे रिस्क फेक्टर कितना है और किसी भी फण्ड में इन्वेस्ट करने से पहले आप उस फण्ड की हिस्ट्री भी चेक कर सकते है.

आप उसका पिछला ट्रैक रिकॉर्ड चेक कर सकते हो क्योंकी उस से हमको यह पता लगेगा की पास्ट में इस फण्ड में कितनी ग्रोथ हुई है| और जिन्होंने इन्वेस्टमेंट कर रखी थी उन्हें कितने पर्सेन्ट तक फिले रखे है और हमारे फण्ड को मैनेज कर रहा है.

मतलब की इस फण्ड का जिस फण्ड का जिसमे हम इन्वेस्ट करने वाले है उसका फण्ड मेनेजर कोन है| उसकी क्या क्वालिफिकेशन है और उसको कितना एक्सपीरियंस है.

यह सब चीजे भी आप सबको देखनी होंगी| उसी हिसाब से आप रिस्क ले सकते है.

जब आपको पता होगा की आपका जो फण्ड मेनेजर है वो क्वालिफाइड है और उसको काफी एक्सपीरियंस है और उसने और भी म्यूच्यूअल फंड्स चलाए है.

यहाँ पर आपको पता चल सकता है की यहाँ पर हमारा फण्ड मेनेजर अच्छा है तो हम उसमे इन्वेस्टमेंट कर सकते है.

इन्वेस्टमेंट करने से पहले हमको यह भी पता करना है की क्या इन्वेस्टमेंट करने से पहले हमसे कोई फीस या एक्स्पेंसस लिए जायेगे जोकि खरीदने या फिर बेचने पर लगता है.

तो कितने लगते है कितने पर्सेन्ट फीस या एक्स्पेंसस है और इन्वेस्टमेंट पर रिटर्न्स होंगे उसपर टेक्स कितना लगेगा अगर लगेगा तो केसे लगेगा| इन सब बातो का भी आपको खास ख्याल रखना होगा|

तो दोस्तों मै आप सब से उम्मीद करता हूँ की आपको म्यूच्यूअल फण्ड क्या है और यह कैसे काम करता है इसकी पूरी जानकारी मिल गई होगी.

अगर आपको कुछ समझ में नही आता है तो आप मुझ से कमेंट करके पूछ सकते है और आप इस आर्टिकल को शेयर भी कीजिये अपने दोस्तों के साथ और उनको भी समझाइए म्यूच्यूअल फंड्स के बारे में.

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